उस लड़के ने क्या देखा……….

शाम का समय चारो तरफ एक अलग ही तरह का नजारा था।
ऐसा लग रहा था जैसे बादल बहुत ही ज्यादा गुस्से में है और वो अपना गुस्सा सबको दिखाना चाह रहे हो।
आपको यकीन हो ना हो लेकिन इस तरह के दृश्य को देखकर उस छोटे से लड़के को घर में रोक पाना मुश्किल होता था वो लड़का इस दृश्य को देखकर अपने आप को ना चाहते हुए भी रोक नहीं पाता था।
उस लड़के की उम्र लगभग उस समय ९साल की रही होगी ।
मानो जैसे आसमान में एक अलग तरह का युद्ध हो रहा हो और हर तरफ से एक दूसरे को डराने कि कोशिश की जा रही हो।कुछ बादल तो इतने ज्यादा गुस्से में थे कि उनके अनेकों रंग देखने को मिल रहे थे।
वो लड़का उस दिन भी इस मौसम का आंनद लेने के लिए घर से निकलने की तलाश में था ।उसे पता तो था की इस मौसम के कारण उसे निकलने नहीं दिया जाएगा और वो इस बात को समझ रहा था कि अगर मै किसी तरह से निकल भी गया ।
तो वापस घर आने पे मेरी खैर नहीं होगी।
धीरे-dheere बादलों का भी गुस्सा बढ़ता ही जा रहा था।
चारो तरफ एक अलग ही तरह के रंग से आसमान घिरता चला जा रहा था।
लोग अपने अपने घरों को जल्दी पहुंचना चाह रहे थे।
और एक दूसरे को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने को कह रहे थे।
कुछ लोग अपनो को फोन कर जल्दी घर आने की बात भी कह रहे थे।
इन सभी दृश्य को देखकर उस लड़के को बहुत ही विचित्र सा लग रहा था। उसे तो बस किसी भी हाल में घर से निकलना था।
इस बीच अंधेरे ने भी अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया था।
कुछ लोग कुछ ज्यादा ही मौसम के बारे में अपनी अपनी बात कह रहे थे।
इन सबके बीच उस लड़के को आखिर घर से निकलने का मौका मिल ही गया। वो बेपरवाह,बेखौफ अपने ही धुन में मस्त लड़का घर से कुछ दूर जहा पूरी तरह से अकेले आसमान के उस दृश्य को ऐसे देख रहा था। जैसे उसे बादलों की भाषा समझ आ रही है कि बादल एक दूसरे को क्या कह रहे है।
उस लड़के के अंदर एक अलग ही प्रकार की जिज्ञासा थी क्या जानने की थी ये कहना जरा जल्दबाजी होगी।
सभी तरफ एक अलग ही तरह का सन्नाटा था वो बेखौफ लड़का धीरे धीरे आगे बढ़ता ही जा रहा था कुछ सी समय में कुछ खतरनाक तरह की आवाजें आनी शुरू हो गई।
ये शायद उपर आसमान से आ रही थी अचानक उस लड़के के चारो तरफ काले काले घने बादल छा गए ।
वो इस बात को वो खुद भी नहीं समझ पा रहा था कि ये सब हो क्या रहा है।अचानक उस लड़के की नजर एक ऐसे दृश्य पे पड़ी जिसकी सिर्फ कल्पना ही कि जा सकती है।
उस लड़के ने देखा कि वो घने काले बादल जो देखने में इंसान के आकार लेकिन इंसानों से कहीं ज्यादा बड़े।एक साथ इस आकार के कई आसमान से जमीन की तरफ आ रहे है।
और वो देखने में घने काले बादलों के कलर कि तरह दिख रहे थे।इस बात से तो इंकार नहीं किया जा सकता कि उस लड़के को। किसी भी बात का जरा भी डर नहीं था कि अगले ही पल क्या हो सकता है।
हा मैंने आपको पहले ही बताया था कि ये एक बेखौफ, बेपरवाह तरह का लड़का था जिसे सही गलत की उतनी समझ अभी नहीं थी।धीरे धीरे वो आवाजे जो काफी देर से लोगो की कानों तक जा रही थी अब थोड़ा कम होना शुरू हो गई थी।वहीं इन सारे दृश्य को वो लड़का ऐसे देख रहा था। जैसे ये कोई खेल का हिस्सा सा हो कुछ देर में कुछ ही समय में ये सब एक खतरनाक , डरावना सा दृश्य बन चुका था ।जिसे वो हर एक इंसान देखना पसंद नहीं करेगा
अब चारो तरफ एक अजीब ही तरह का सन्नाटा छाया हुआ था जिसे देख कर एक सामान्य इंसान डर सकता है।कुछ ही समय में वो काले बदल जो इंसान के आकार से बहुत ही ज्यादा बड़े और देखने में डरावने दिख रहे थे।सब एक साथ एक पेड़ के आस पास घूमने लगे जो पेड़ भी देखने में कई वर्ष पुराना दिख रहा था ।
अब चारो तरफ की खामोशी उस लड़के को वहा से चले जाने का इशारा कर रही थी।उस लड़के को भी अब कुछ अजीब तरह के अकेलेपन का अहसास होने लगा था । कहीं न कही उसके दिमाग में कुछ घर कि तरफ चलने के खयाल आना शुरू हो गए थे वो लड़का डर रहा था कि नहीं ये तो नहीं कहा जा सकता लेकिन उसे ये जरूर पता चलने लगा था।
कि ये सब कुछ अलग ही हो रहा है।
अचानक से उस पेड़ से एक अजीब तरह की रोने की आवाज आना शुरू हो गई ।और वो कुछ इतना ज्यादा डरावना था जिसे शब्दो से बताया नहीं जा सकता कुछ ऐसा जैसे उस पेड़ के रूप में कोई और ही था जो अपने आप को बचाने के लिए कुछ डराने की कोशिश कर रहा था कि चले जाओ मुझे नहीं जाना है तुम्हारे साथ मुझे यही रहना है।
वो काले बादल जो इंसान के आकार से भी ज्यादा बड़े और गुस्से में जैसे उसे कह रहे हो कि तुम्हारा समय हो गया है।
अब तुम इस दुनिया के लोगो को और ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सकते हो।
अब तुम्हारा इस दुनिया में रहना इंसानों के लिए खतरा बन सकता है।
तुमने बहुत ज्यादा लोगो को नुकसान पहुंचाया है।
और तुम अपने शक्तियों का ग़लत प्रयोग कर रहे हो।जो हमारे नियमों के खिलाफ है।
उस लड़के को ये सब आवाजे साफ साफ सुनाई पड़ रही थी
हा ये एक अलग बात है कि उसके समझ से ये सब बाहर था कि ये सब हो क्या रहा है।अब उसके पैर धीरे धीरे पीछे कि तरफ चलना शुरू हो रहे थे उस भले ये सब समझ में ना आ रहा हो लेकिन उसे ये अहसास हो गया था कि ये देखने के लिए वो घर से नहीं निकला था जो उसके आंखों के सामने चल रहा है।उसके घर जाने की इच्छा अब उसके विश्वास में बादल रही थी।
और अब वो वहा नहीं रुकना चाह रहा था।लेकिन अब शायद बहुत देर हो चुकी थी। उसके इस फैसले में…………………

कहानी आगे जारी रहेगी………..

aaa8808 द्वारा प्रकाशित

I believe myself....

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